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बुधवार, 3 नवंबर 2010

ऐ इन्सानों! – गजानन माधव 'मुक्तिबोध'

       ऐ इन्सानों!

आँधी के झूले पर झूलो !
आग बबूला बन कर फूलो !

        कुरबानी करने को झूमो !
        लाल सवेरे का मूँह चूमो !

ऐ इन्सानों ओस न चाटो !
अपने हाथों पर्वत काटो !

        पथ की नदियाँ खींच निकालो !
        जीवन पीकर प्यास बुझालो !

रोटी तुमको राम न देगा !
वेद तुम्हारा काम न देगा !

        जो रोटी का युद्ध करेगा !
        वह रोटी को आप वरेगा !  – गजानन माधव 'मुक्तिबोध'

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